पाक उच्चायोग के कर्मचारी को भारत छोड़ने का आदेश

नई दिल्ली: भारत में जासूसी करने और गोपनीय रक्षा दस्तावेज चुराने के आरोपी पाकिस्तानी उच्चायोग के एक कर्मचारी को भारत सरकार ने देश छोड़ने का आदेश दिया है. दरअसल पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में राजस्थान के दो लोगों को दिल्ली में गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उनके साथ ही पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी 35 वर्षीय महमूद अख्तर को भी हिरासत में लिया और उनके पास से गोणनीय रक्षा दस्तावज बरामद किए.

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गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब किया. विदेश सचिव एस जयशंकर ने बासित से कहा कि पाकिस्तानी मिशन कर्मी को जासूसी के मामले में अवांछित व्यक्ति घोषित किया गया है.

वहीं दिल्ली पुलिस ने बताया कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर 35 वर्षीय महमूद अख्तर को बुधवार रात हिरासत में लिया गया. राजधानी के डिप्लोमेटिक एन्क्लेव चाणक्यपुरी स्थित पुलिस थाने में उससे पूछताछ की गई, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया.
पुलिस ने बताया कि राजस्थान के नागौर के रहने वाले मौलाना रमजान और सुभाष जहांगीर नाम के दो लोगों को रक्षा दस्तावेज चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. इन दोनों ने पूछताछ में पाकिस्तानी उच्चायुक्त में कार्यरत महमूद अख्तर का नाम लिया, जिसे वे सूचनाएं पहुंचाते थे. पुलिस ने बुधवार रात अख्तर को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पुलिस को पता चला कि वह आईएसआई का एजेंट है, लेकिन डेप्लोमेटिक इम्युनिटी हासिल होने की वजह से उसे छोड़ना पड़ा.

इस बीच गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी है, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब किया और विदेश सचिव एस जयशंकर ने बासित से कहा कि पाकिस्तानी मिशन कर्मी को जासूसी के मामले में अवांछित व्यक्ति घोषित किया गया है.

इससे पहले नंवबर 2015 में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़े जासूसों का पता चला था. तब इस मामले में थल और वायुसेना में कार्यरत कुछ लोगों सहित 10-12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. उनसे पूछताछ में पता चला था कि पाकिस्तानी उच्चायुक्त का कोई शख्स इस जासूसी में शामिल है. इस जानकारी के बाद से ही पाकिस्तानी मिशन के कुछ कर्मचारियों पर पुलिस नजर रखे हुए थी.

यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब पिछले महीने उरी में हुए आतंक हमलों में 19 जवानों के शहीद होने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में काफी तनाव है. इस हमले के बाद जवाबी कार्रवाई के तौर पर भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार जाकर आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था.

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