जाने आयुर्वेदिक फायदेमंद मसाजों के बारे में

mass_58583ae6e2d8fआयुर्वेद एक प्राचीन विज्ञान है जो कई बीमारियों के उपचार के लिए हर्बल सामग्री का उपयोग करता है, आयुर्वेदिक मसाज के अपने ही कितने स्वास्थ्यवर्द्धक और सौंदर्य लाभ हैं.

इसके बारे में हम आपको विस्तार से बता रहे हैं. 

नजवराकीझ-सभी प्रकार के वात रोगों, जोड़ों में दर्द, मांशपेशियों के अपक्षय, त्वचा विकार, चोट एवं अभिघात के स्वास्थ्य्लाभ की अवधि, गठिया, आम कमजोरी, लकवा आदि के लिये चिकित्सा है. औषधियुक्त तेल के प्रयोग के बाद, औषधियुक्त दूध-दलिया के पुलिंदे के प्रयोग के द्वारा आपके संपूर्ण शरीर का पूर्ण शरीर मालिश कर पसीना निकाला जाता है. यह एक प्रतिरक्षी क्षमता बढ़ाने वाला पुनर्यौवन चिकित्सा है. विभिन्न बीमारियों के लिये उपचार होने के अतिरिक्त, नजवराकीझी आपकी त्वचा में नये प्राण भरता है एवं इसमे चमक लाता है.

शिरोधारा-एक अनोखा उपचार है जहां एक निश्चित अवधि के लिये सिर को विशिष्ट औषधियुक्त तेलों के नियमित धार में स्नान कराया जाता है. यह मानसिक आराम के लिये एक प्रभावकारी चिकित्सा है एव यह अनिद्रा, तनाव, विषाद, घटती हुई मानसिक चुस्ती आदि को ठीक करता है. जब औषधियुक्त छाछ तेल का स्थान लेता है, इस चिकित्सा को तक्रधारा कहा जाता है.

अभयांगम-जड़ी-बूटीयुक्त तेल के साथ इस संपूर्ण शरीर मालिश का प्रयोग शरीर के 107 आवश्यक बिन्दुओं के विशेष संबंध में मालिश के लिये किया जाता है यह आपकी त्वचा को मजबूत बनाता है एवं आदर्श स्वास्थ्य तथा दीर्घायुपन को प्राप्त करने के लिये सभी ऊतकों को पुनर्यौवन प्रदान करता है तथा मजबूती देता हैI यह ओजस  को बढ़ाता है एवं इस प्रकार आपके शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है. आपकी आंख के लिये लाभकारी होने के अतिरिक्त, अभयांगम आपको गहरी निद्रा प्रदान करता है. 

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