48273-imrvpthbgm-1482938021उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी सपा का टकराव विभाजन की ओर बढ़ता दिख रहा है. पहले मुलायम सिंह यादव द्वारा जारी 325 उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची से नाराज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को एक नई सूची जारी की. इसके जवाब में उनके चाचा और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने भी 68 उम्मीदवारों की एक सूची जारी कर दी है.

अखिलेश यादव की सूची में 171 मौजूदा विधायकों को शामिल किया गया है. इनमें अरविंद सिंह गोप और राम गोविंद चौधरी सहित वे सभी 47 विधायक शामिल हैं जिन्हें मुलायम सिंह द्वारा जारी सूची में जगह नहीं मिली थी. इसके अलावा 64 अन्य लोगों को उन जगहों से उम्मीदवार बनाया गया है जहां 2012 में सपा चुनाव हार गई थी. हालांकि, अखिलेश यादव की सूची से मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव का नाम गायब है. मुलायम सिंह ने उन्हें लखनऊ कैंट से उम्मीदवार बनाया है.

अखिलेश यादव के समर्थकों ने उनके नाम और चेहरे के साथ मैदान में उतरने की बात कही है. वनमंत्री और अयोध्या से विधायक पवन पाण्डेय ने कहा कि वे अखिलेश के नाम और चेहरे के साथ अपने क्षेत्र में प्रचार कर रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि अगर सपा के दोनों धड़ों में सुलह नहीं होती तो अखिलेश के उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ सकते हैं. अपनी सूची लाने से पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने समर्थकों और विधायकों के साथ बैठक की थी. इसके बाद वे मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव से भी मिले थे. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुलायम सिंह यादव ने आधिकारिक सूची में बदलाव करने से इंकार कर दिया था.

सपा की आधिकारिक सूची पर शिवपाल यादव का असर बताया जा रहा है जिनके साथ अखिलेश यादव का टकराव चल रहा है. यही वजह रही कि इसमें अखिलेश यादव के समर्थकों के साथ-साथ खुद उनका भी नाम गायब है. हालांकि, इससे जुड़े सवाल पर मुलायम सिंह ने कहा था कि अखिलेश जहां से चाहें वहां से चुनाव लड़ सकते हैं.