ब्रेकिंग न्यूज़: मुलायम ने अधिवेशन किया स्‍थगित, ‘साइकिल’ के लिए चुनाव आयोग जायेंगे अखिलेश

2017_1largeimg02_jan_2017_092816165-1लखनऊ : समाजवादी पार्टी का आंदरुणी कलह नाटकीय ढंग से लगातार बदल रहा है. रविवार को अखिलेश यादव ने अपने ही पिता मुलायम को पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष पद से हटाकर उसे अपने नाम कर लिया, वहीं मुलायम ने इस अधिवेशन को ही असंवैधानिक करार दे दिया. इतना ही नहीं मुलायम ने 5 जनवरी को पार्टी के महाअधिवेशन का ऐलान भी कर दिया. वहीं अब शिवपाल ने मुलायम सिंह के हवाले से घोषणा की है कि 5 जनवरी को बुलाये गये पार्टी के अधिवेशन को स्‍थगित कर दिया गया है. हालांकि इसे स्‍थगन का कोई स्‍पष्‍ट कारण नहीं बताया गया है. इस बीच रविवार को मुलायम की तबीतय अचानक बिगड़ गयी. हाई ब्लड प्रेशर की शिकायक के बाद उनके आवास पर डॉक्टर पहुंचे और उनके सेहत की जांच की. शिवपाल सिंह यादव को जैसे ही उनकी तबियत खराब होने की जानकारी मिली वो मुलायम से मिलने उनके आवास जा पहुंचे. 

समाजवादी पार्टी में जारी अंतर्कलह बढ़ता जा रहा है. रविवार के उलट फेर के बाद आज पिता और पुत्र के बीच समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्‍ह साइकल पर घमसान मचा हुआ है. एक ओर अखिलेश यादव साइकिल पर दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुलायम इसे असंवैधानिक बता रहे हैं. सूत्रों के अनुसार आज अखिलेश अपने समर्थक विधायकों के साथ चुनाव आयोग के पास जाने की तैयारी में हैं. चुनाव आयोग के सामने अखिलेश पार्टी अधिवेशन में लिये गये फैसले के बारे में जानकारी देंगे और साइकिल पर अपना दावा पेश करेंगे. 

हालांकि अभी तक यह स्‍पष्‍ट नहीं है चुनाव आयोग साइकिल चुनाव चिन्‍ह किसको देगी. चुनाव आयोग के पास पूर्व में दर्ज रिकार्ड के अनुसार समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्‍ह मुलायम के नाम पर है. चुनाव आयोग के पास जमा दस्‍तावेज में मुलायम सिंह यादव को सपा प्रमुख और पुराने लोगों को पार्टी के विभिन्‍न पदधारियों के रूप में जानकारी दी गयी है. ऐसे में विवाद बढ़ने पर चुनाव आयोग साइकिल चुनाव चिन्‍ह को ही बैन कर सकता है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अखिलेश यादव अपने समर्थकों के साथ दिल्‍ली रवाना हो सकते हैं और चुनाव आयोग के समक्ष अपना दावा दर्ज करवा सकते हैं. 

क्‍या हुआ रविवार को?

पार्टी में पद की लड़ाई अब चुनाव चिन्ह और पार्टी अध्यक्ष की कुरसी तक आ गयी है. सपा में जारी दंगल अब  फाइनल राऊंड में है. मुलायम द्वारा निष्कासित किये गये नरेश अग्रवाल और किरणमयी  नंदा ने मुलायम के खिलाफ सख्त टिप्पणी की. दोनों ने इस फैसले को असंवैधानिक बताते हुए कहा, जिसकी कोई हैसियत नहीं वो किसी को क्या निकालेंगे. 

अखिलेश और मुलायम दोनों ही पार्टी से लोगों को निष्कासित कर रहे हैं. दोनों ही खेमे के लोग एक दूसरे के फैसले को असंवैधानिक बता रहे हैं. आज हुए अधिवेशन में अखिलेश को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया. शिवपाल की जगह अखिलेश ने नरेश उत्तम को प्रदेश अध्यक्ष की कमान दी है.  अमर सिंह को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. मुलायम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर सारे फैसलों को असंवैधानिक करार देते हुए रामगोपाल को पार्टी से फिर बाहर कर दिया. 

किरणमयी  नंदा ने कहा, कुछ लोग नेताजी को गुमराह कर रहे हैं, वो उनके बहकावे में आकर फैसले ले रहे हैं नरेश अग्रवाल ने भी इस फैसले को गलत बताते हुए कहा, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश जी है, तो नेताजी को निकालने का कोई अधिकार नहीं है, नेताजी चीजों को समझ नहीं पा रहे वह अपने शुभचिंतकों को से दूर हो गये हैं. नेताजी ने जो फैसला लिया है वह पूरी तरह से असंवैधानिक है.  

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