ग्रीन टी पीना भी पहुंचा सकता है नुकसान, ये काम गलती से कभी ना करें…….

green11NEW DELHI: आजकल ग्रीन टी पीना खूब फैशन में है और इसे पीने के ढेर सारे फायदे भी हैं। ग्रीन टी आपके मोटापे पर लगाम लगाती है, स्किन को चमकदार बनाने से लेकर पाचन क्रिया के लिए भी फायदेमंद साबित होती है।

 हालांकि इसे पीने के कई गंभीर नुकसान भी हैं और कई बीमारियों में इसे पीना बेहद खतरनाक भी साबित हो सकता है। आज हम आपको बता रहा है कि ग्रीन टी को डाइट में शामिल करने से पहले आपको कौन सी ज़रूरी बातें जान लेनी चाहिए…
ग्रीन टी से इसलिए बचकर रहें:
1. शायद आपको पता न हो लेकिन ग्रीन टी में भी कैफीन होता है। ग्रीन टी में मौजूद कैफीन से भी कई हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती हैं। ग्रीन टी की 227 ग्राम चाय में 24 से 45 मिलीग्राम तक कैफीन होती है। बाकी चाय की ही तरह अगर आप ग्रीन टी का ज्यादा सेवन करते हैं तो कैफीन आपकी हार्टबीट अनियमित कर देती है। इससे आपको नर्वसनेस का अनुभव होता है और आप छोटी-छोटी सी बातों पर चिढ़ने लगते हैं।
2. ज्यादा ग्रीन टी पीना आपके पाचन तंत्र के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकता है। ज्यादा कैफीन आपके पाचन रस के बैलेंस को बिगाड़ देता है जिससे आपका पेट भी ख़राब हो सकता है। ग्रीन टी में मौजूद टैनिन आपके पेट को खराब कर सकता है क्योंकि ग्रीन टी पीने से पेट में एसिड अधिक बनने लगता है। जिन लोगों को पेट की समस्या रहती है खासतौर पर एसिडिटी होती है उन्हें ग्रीन टी पीने से बचना चाहिए।
3. गर्भवती महिलाओं को दिन में दो बार से ज्यादा ग्रीन टी पीने के लिए मना किया जाता है। इसके पीछे भी कारण कैफीन ही है। कैफीन का सेवन मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक माना जाता है। कई मामलों में देखा गया है कि कैफीन के अधिक मात्रा में सेवन से मिसकैरेज की नौबत भी आ जाती है। इसलिए अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान ग्रीन टी पीना चाहती हैं तो डॉक्टर से ज़रूर सलाह ले लें। 
4. अगर आपको ऑस्टियोपोरोसिस की शिकायत है या फिर हड्डियों से जुड़ी कोई भी बीमारी है तो भी ग्रीन टी आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। ऐसे मामलों में ग्रीन टी आपको एक सीमित मात्रा में डॉक्टर की सलाह से ही पीनी चाहिए। किसी भी समस्या से बचने के लिए आपको दिनभर में 4-5 कप से ज्यादा ग्रीन टी का सेवन नहीं करना चाहिए।
5. डॉक्टरों की सलाह है कि जिन लोगों को एनीमिया की समस्या है उन्हें भी ग्रीन टी के सेवन से बचना चाहिए। एनीमिया के कारण ही आयरन की कमी हो जाती है, इसी कारण हिमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती हैं। अगर पहले ही आयरन की कमी है तो ग्रीन टी ना लें। अगर पीनी भी है तो बल्कि खाना खाने के दौरान बीच में ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं ताकि बॉडी आयरन ऑब्सर्व कर ले।
6. मोतियाबिंद से पीड़ित लोग यदि ग्रीन टी का सेवन करते हैं तो 30 मिनट के अंदर-अंदर उनकी आंखों पर दबाव पड़ने लगता है। इस बीमारी में ग्रीन टी का सेवन करने से ये और बढ़ सकती है। मोतियाबिंद आंखों से संबंधित ऐसी बीमारी है जो ऑप्टिक तंत्रिका को प्रभावित करता है। इसके बढ़ने पर अंधापन भी हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *