माघ मेलाः आबाद होने लगी तंबुओं की नगरी इलाहाबाद

10_01_2017-09alh-c2इलाहाबाद (जेएनएन)। तीर्थराज प्रयाग में संगम की रेती पर तंबुओं की नगरी लगभग आबाद हो गई है। त्रिवेणी तट पर कल्पवासियों सहित संतों की आमद दिन रात हो रही है तो शिविरों के साथ पूरे 1432 बीघे का क्षेत्रफल रोशनी से जगमग हो उठा है। पांच सेक्टर में बंटे मेला क्षेत्र में प्रवचन सहित भजन कीर्तन व भंडारे की बयार ही बहने की देर भर है। सुविधाओं के लिए प्रशासनिक तैयारी अंतिम दौर में है। पौष पूर्णिमा पर 12 जनवरी को संगम में डुबकी लगेगी और एक माह के अखंड व्रत ‘कल्पवास का शुभारंभ हो जाएगा। 17 स्नान घाट, पांच पीपापुल के साथ सौ किलोमीटर की चकर्ड प्लेट बिछाई गई है। सुरक्षा व सेहत को लेकर भी खासी तैयारी की गई है। मेला क्षेत्र में 12 थाने व 34 पुलिस चौकी बनाई गई है। 20-20 बेड के दो अस्पताल एवं 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं।

शंकराचार्य देंगे आशीर्वचन
त्रिवेणी मार्ग पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती, शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का शिविर तैयार हो रहा है। दोनों शंकराचार्य के 20 जनवरी तक पहुंचने की उम्मीद है। जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, देवतीर्थ स्वामी अधोक्षजानंद सरस्वती के शिविरों में भी चंद दिनों बाद यहां भजन-पूजन प्रवचन आरंभ हो जाएगा।

तीर्थपुरोहितों में नाराजगी
तैयारियां पूरी न होने पर तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी है। उनका कहना है कि चकर्ड प्लेट बिछाने, खंभे गाडऩे, जलापूर्ति पाइप लाइन बिछाने का काम अधूरा है। प्रयाग धर्म संघ अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल का कहना है कि मेला प्रशासन ने तीर्थपुरोहितों को उपेक्षित कर दिया है। उन्हें शिविर लगाने के लिए न उचित जमीन मिली है, न सुविधा।

मेला क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने की मांग
दंडी संन्यासीनगर में बीते दिनों शिविरों में हुई चोरी का सामान बरामद न होने पर संन्यासियों में नाराजगी है। सोमवार को अखिल भारतीय दंडी संन्यासी समिति के महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम ने मेलाधिकारी से मुलाकात की और चोरी गया सामान बरामद करवाए जाने की मांग की।

 

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