सुलह अब दरकिनार, दूसरे अभियान में लगे सपा मुखिया मुलायम

msy--621x414--621x414लखनऊ (जेएनएन)। आठ प्रयास के बाद भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समझौते पर तैयार न होने के बाद अब समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी दूसरा अभियान शुरू कर दिया है। निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी का फैसला भले ही कल करेगा, लेकिन नेताजी मुलायम सिंह यादव आज ही कुछ कर लेना चाहते हैं। फिलहाल वह अपने आवास में पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव के साथ मंथन कर रहे हैं।

समाजवादी पार्टी में संभावित फूट के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ ही पार्टी के मुखिया तथा खांटी पहलवान मुलायम सिंह यादव ने अपना दांव तय कर लिया है। एक तरफ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बरगद या मोटरसाइकिल के सिंबल के साथ उत्तर प्रदेश के चुनाव मैदान में कूदने की तैयारी कर रहे हैं।

दूसरी तरफ पिता मुलायम सिंह यादव वापस उसी चुनाव चिन्ह की तरफ बढ़ते दिख रहे हैं, जिसने उन्हें 80 के दशक में यूपी की राजनीति में केंद्र बिंदु बनाया। यानी ‘खेत जोतता किसान’ चुनाव चिन्ह के साथ मुलायम सिंह ने अखाड़े में उतरने का मन बना लिया है। ‘खेत जोतता किसान’ चुनाव चिन्ह पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार के साथ ही लालू प्रसाद यादव व राम बिलास पासवान भी चुनाव लड़ चुके हैं।

दिग्गज राजनीतिक मुलायम सिंह यादव खेत समाजवादी पार्टी की साइकिल जब्त होने की स्थिति में जोतता किसान चुनाव चिह्न पर अपने प्रत्याशी खड़े कर सकते हैं। इससे पहले निर्वाचन आयोग ने खेत जोतता किसान चिह्न लोकदल को आवंटित किया है। 1980 में लोकदल की स्थापना के समय यही उसका सिंबल था। इस समय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व एमएलसी सुनील सिंह हैं।

इस चुनाव चिन्ह को लेकर शिवपाल सिंह यादव तथा लोकदल के अध्यक्ष सुनील सिंह से बात हो चुकी है। इसके बाद ही सुनील सिंह ने मुलायम सिंह व शिवपाल से भेंट की थी। लखनऊ में लोकदल का कार्यालय माल एवेन्यु में है। चौधरी चरण सिंह के जमाने में मुलायम सिंह यादव लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। मुलायम सिंह यादव 1985 में लोकदल के अध्यक्ष रहे हैं। इसके बाद मुलायम सिंह यादव की अगुवाई में पार्टी ने 1987 में से 85 सीटें पार्टी ने जीती और वह विपक्ष के नेता भी बने।

इससे पहले आज शिवपाल सिंह यादव सुबह मुलायम सिंह यादव से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। माना जा रहा है कि इनकी भेंट उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी के नाम व चुनाव निशान को लेकर हो रही है। अब आज ही शाम तक मुलायम सिंह यादव नए चुनाव चिन्ह को लेकर लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह से मिलेंगे।

 

पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव तथा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच चुनाव आयोग में मामला चल रहा है। जिसके तहत सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव कल शाम को ही लखनऊ से दिल्ली के पहुंचे थे। कल पार्टी तथा चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग में फैसला होना है। समाजवादी पार्टी में नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर मचे घमासान पर चुनाव आयोग को अंतिम फैसला लेना है। सपा प्रमुख ने कल दिल्ली रवाना होने से पहले पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। संबोधन में सपा प्रमुख ने रामगोपाल यादव पर जमकर हमला भी बोला था।

 

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